सम्राट अशोक महान क्यों थे?

भारत का इतिहास महान शासकों से भरा हुआ है, लेकिन इनमें से सम्राट अशोक का नाम विशेष रूप से लिया जाता है। उन्हें "अशोक महान" कहा जाता है क्योंकि उन्होंने युद्ध से मिली शिक्षा को शांति, करुणा और धर्म के मार्ग में बदल दिया।
1. विशाल साम्राज्य के शासक
सम्राट अशोक मौर्य वंश के सबसे प्रसिद्ध शासक थे। मौर्य वंश की सीमाएँ वर्तमान भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका तक फैली हुई थीं। यह मौर्य साम्राज्य को इतिहास का सबसे बड़ा साम्राज्य बनाता है। 2. कलिंग युद्ध में जीवन परिवर्तन कैसे हुआ
261 ई.पू. में लड़ा गया कलिंग युद्ध अशोक के जीवन का सबसे बड़ा मोड़ था। इस युद्ध में लाखों लोग मारे गए। रक्तपात देखकर अशोक का हृदय बदल गया और उन्होंने हिंसा छोड़कर धर्म और शांति का मार्ग अपनाया। 3. बौद्ध धर्म का प्रसार कैसे हुआ
अशोक ने बौद्ध धर्म को न केवल अपनाया बल्कि इसे पूरे एशिया और दुनिया में फैलाया। उनके द्वारा भेजे गए दूत श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, चीन और मध्य एशिया तक गए। इस कारण बौद्ध धर्म विश्व धर्म बन सका। 4. धम्म नीति
अशोक ने अपनी शासन व्यवस्था में धम्म नीति लागू की। इसमें— सब धर्मों के प्रति सम्मान करुणा और दया भाईचारा और समानता जनकल्याण जैसी बातें शामिल थीं। 5. जनकल्याणकारी कार्य
अशोक ने जनता के लिए कई योजनाएँ लागू कीं, जैसे— अस्पतालों का निर्माण यात्रियों के लिए धर्मशालाएँ कुएं और तालाब सड़कों के किनारे पेड़ लगवाना ये सब उनकी जनता-प्रेमी छवि को दर्शाते हैं। 6. अशोक स्तंभ और शिलालेख
अशोक ने अपने विचार और आदेश स्तंभों और चट्टानों पर खुदवाए। इनमें धर्म, नैतिकता और सदाचार का संदेश लिखा गया। आज का भारत का राष्ट्रीय प्रतीक (अशोक स्तंभ और अशोक चक्र) उन्हीं की धरोहर है। निष्कर्ष
सम्राट अशोक केवल एक महान शासक ही नहीं बल्कि एक ऐसे शांति-दूत भी थे जिन्होंने सत्ता और साम्राज्य से ऊपर उठकर मानवता और करुणा को महत्व दिया। यही कारण है कि इतिहास उन्हें हमेशा "अशोक महान" के नाम से याद करता है।

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